BSE को 30,000 करोड़ का बड़ा झटका, रेगुलेटरी बदलावों से ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी गिरावट
· Business · Economic Times, LiveMint
एक्सचेंज बिजनेस पर बढ़ते दबाव के कारण पिछले तीन महीनों में BSE लिमिटेड के मार्केट कैप में करीब 30,000 करोड़ रुपये की कमी आई है। शेयरों में इस गिरावट की तीन मुख्य वजहें हैं - नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन, कमजोर इंडेक्स ऑप्शंस वॉल्यूम और ब्रोकर्स के लिए बैंक गारंटी के सख्त नियम। इसके बाद ब्रोकरेज फर्मों ने एक्सचेंज के लिए अपने अर्निंग्स अनुमान और शेयर के टारगेट प्राइस घटा दिए हैं। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी और सख्त रेगुलेटरी नियमों के कारण घरेलू प्रोपराइटरी ट्रेडर्स के लिए जोखिम बढ़ गया है। क्लोजिंग ऑक्शन मैकेनिज्म लागू होने के बाद से प्रमुख एक्सचेंजों पर एवरेज डेली टर्नओवर और प्रीमियम टर्नओवर में काफी गिरावट आई है।
ख़ास क्यों
एक्सचेंज से जुड़े सख्त नियमों के कारण इक्विटी ऑप्शंस टर्नओवर में बदलाव आ रहा है, जिससे रिटेल निवेशकों और स्टॉक ब्रोकर्स पर मार्जिन का दबाव बढ़ गया है।
मूल ख़बर पढ़ें — Economic Times
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