नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों को बड़ी राहत, तय समयसीमा चूके प्रोजेक्ट्स का नहीं जाएगा ग्रिड कनेक्शन
· Business · Indian Express, Economic Times
केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (CERC) ने एक नया मुआवजा तंत्र पेश किया है, जिसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स डेडलाइन चूकने के बावजूद अपना ग्रिड कनेक्शन अपने पास रख सकेंगे। नए आदेश के मुताबिक, जमीन के दस्तावेज जमा न कर पाने, फाइनेंस जुटाने या कमर्शियल ऑपरेशन की तारीख पूरी न कर पाने वाले डेवलपर्स कनेक्शन रद्द होने के बजाय अतिरिक्त समय मांग सकते हैं। सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर तक कम से कम 5.3 गीगावॉट क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स पर ग्रिड कनेक्टिविटी रद्द होने का खतरा था। एक्सटेंशन पाने के लिए डेवलपर्स को मूल डेडलाइन से कम से कम 15 दिन पहले जरूरी जमीन का न्यूनतम हिस्सा सुरक्षित करने जैसी सख्त शर्तों को पूरा करना होगा। आयोग ने कहा कि इस ग्रेडेड मुआवजा ढांचे से सीमित ग्रिड संसाधनों का प्रबंधन बेहतर होगा और अटके हुए प्रोजेक्ट्स को राहत मिलेगी।
ख़ास क्यों
जमीन अधिग्रहण या फाइनेंस में देरी का सामना कर रहे नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स अब ट्रांसमिशन अधिकार पूरी तरह गंवाने के बजाय वित्तीय मुआवजा देकर अपना ग्रिड एक्सेस बचा सकेंगे।
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