विदेश में पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन, जानें देसी और विदेशी बैंकों में क्या है अंतर
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विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों को लोन चुनते समय ब्याज दरों, कॉलेटरल और करेंसी उतार-चढ़ाव पर ध्यान देना चाहिए। भारतीय बैंक रुपए में लोन देते हैं, जिनमें ब्याज दरें ज्यादा हो सकती हैं लेकिन इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80E के तहत टैक्स छूट मिलती है। वहीं, विदेशी कर्जदाता फॉरेन करेंसी में लोन देते हैं, जिससे रीपेमेंट वहां की कमाई के हिसाब से मैनेज होता है। छात्रों को करेंसी के उतार-चढ़ाव से लोन के कुल बोझ पर पड़ने वाले असर को भी समझना चाहिए।
ख़ास क्यों
सही लोन स्ट्रक्चर चुनने से विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों पर पढ़ाई के कुल खर्च और लंबे समय की फाइनेंशियल सेहत पर सीधा असर पड़ता है।
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