कानूनी व्यवस्था बदलने में तकनीक के इस्तेमाल की अगुवाई करें विधि विश्वविद्यालय: CJI
· India · The Hindu, Hindustan Times
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने 16 अगस्त 2026 को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर में वाइस चांसलर कॉन्क्लेव 2.0 को संबोधित किया। उन्होंने विधि संस्थानों से कहा कि वे तकनीक पर केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय जनरेटिव AI जैसे उपकरणों को अपनाने में अगुवाई करें। उन्होंने रेखांकित किया कि तकनीक पहले से ही अनुबंध तैयार करने, ड्यू डिलिजेंस, रिसर्च, साक्ष्य प्रबंधन और विवाद समाधान जैसे कानूनी कामों को बदल रही है। जस्टिस कांत ने कहा कि भविष्य के स्नातक ऐसे AI सिस्टम के साथ काम करेंगे जो सेकंडों में हजारों फैसलों का विश्लेषण कर सकते हैं, लेकिन केवल तकनीक पर निर्भरता उन्हें लाचार बना देगी। उन्होंने जोर दिया कि शैक्षणिक शुचिता और AI का जिम्मेदार इस्तेमाल कानूनी पाठ्यक्रम का मुख्य हिस्सा बनना चाहिए।
ख़ास क्यों
यह निर्देश भारत में कानूनी शिक्षा और पेशेवर ट्रेनिंग को नया रूप देगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वकील तकनीकी दक्षता और नैतिक विवेक दोनों के साथ स्नातक हों, जिससे पूरी न्याय व्यवस्था और अदालतों का कामकाज प्रभावित होगा।
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