सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया, पुराने ट्रांसजेंडर पहचान-पत्र वैध रहेंगे
· India · The Hindu, Hindustan Times
संघ सरकार ने 17 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन अधिनियम, 2026 से पहले जारी किए गए पहचान-पत्र अभी भी वैध रहेंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सुर्य कांत के नेतृत्व वाली तीन-जज पैनल के सामने यह आश्वासन दिया। यह स्पष्टीकरण तब आया जब याचिकाकर्ताओं ने नई विधि को चुनौती दी, यह कहकर कि इससे पुराने दस्तावेज़ रद्द हो सकते हैं और स्वयं-निर्धारित लिंग अधिकार कमजोर पड़ सकते हैं। सरकार के ट्रांसजेंडर पोर्टल से कार्ड-धारक अपना नाम-लिंग आधिकारिक रिकॉर्ड में बदल सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस बात पर सवाल उठाया था कि नया कानून मौजूदा पहचान-पत्रधारकों के अधिकारों को प्रभावित करेगा या नहीं।
ख़ास क्यों
यह आश्वासन उन ट्रांसजेंडर लोगों की कानूनी स्थिति और आधिकारिक दस्तावेज़ों को सुरक्षित रखेगा, जिनके पास पहले से पहचान-पत्र है, और उनके जीवन में संभावित प्रशासनिक उलझन से बचाएगा।
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