भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी टैक्टिकल, HSBC म्यूचुअल फंड का बयान
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HSBC म्यूचुअल फंड के इक्विटी चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर वेणुगोपाल मंगठ का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की भारतीय शेयरों में वापसी अभी एक टैक्टिकल कदम है, जिसे स्थायी स्ट्रक्चरल रीएलोकेशन नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि इनफ्लो ग्लोबल लिक्विडिटी, ब्याज दरों के अनुमान और करेंसी की स्थिरता पर निर्भर है। साल 2024 के पीक लेवल के मुकाबले वैल्यूएशन प्रीमियम कम हुआ है, लेकिन लगातार निवेश के लिए मजबूत नतीजों का आना जरूरी है। मंगठ के मुताबिक, अर्निंग्स साइकिल में सुधार हुआ है, Nifty की प्रॉफिट ग्रोथ तेज हुई है और वित्त वर्ष 2027-28 में इसके मिड-टींस में बढ़ने का अनुमान है। ऑटो, फाइनेंशियल, मेटल, फार्मा और कंज्यूमर सेक्टर बाजार की इस रिकवरी को सपोर्ट कर रहे हैं।
ख़ास क्यों
टैक्टिकल और स्ट्रक्चरल इनफ्लो के बीच का यह फर्क निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि बाजार में मौजूदा तेजी लॉन्ग-ترم के भरोसे पर आधारित है या शॉर्ट-टर्म ग्लोबल लिक्विडिटी के बदलाव पर।
मूल ख़बर पढ़ें — Economic Times
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