तालिबान के बीच देश में ही रहेगी बेटी, पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई का बड़ा ऐलान
· World · Bloomberg
अफ़गानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने एक इंटरव्यू में कहा है कि वह तालिबान के प्रतिबंधों से बचने के लिए अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए विदेश नहीं भेजेंगे। उन्होंने बताया कि नई सरकार लड़कियों के लिए शिक्षा के अवसर सीमित कर रही है और उनकी आज़ादी पर कड़े पहरे हैं। करज़ई ने कहा कि उनका रोज़मर्रा का जीवन भी काफी सीमित हो गया है, क्योंकि सरकार व्यक्तिगत फैसलों पर भी नज़र रख रही है। उन्होंने साफ किया कि देश में ही रहना उनका सोच-समझकर लिया गया फैसला है ताकि वह तालिबान की दमनकारी नीतियों के खिलाफ खड़े रह सकें।
ख़ास क्यों
करज़ई का यह रुख अफ़गान परिवारों और शिक्षा पर तालिबान के शासन के गंभीर प्रभाव को उजागर करता है। उनका विदेश में पढ़ाई न कराने का फैसला इस बात का संकेत है कि देश के भीतर ही इस शासन की लिंग-आधारित पाबंदियों का विरोध किस तरह जारी है।
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