लार्ज-कैप शेयरों में म्यूचुअल फंड्स का दांव, FPIs ने घटाई हिस्सेदारी
· Business · LiveMint, Economic Times
वित्त वर्ष 2027 की जून तिमाही में स्मॉल-कैप शेयरों ने 29.1% का सबसे अधिक रिटर्न दिया, फिर भी म्यूचुअल फंड्स ने लार्ज और मिड-कैप कंपनियों में खरीदारी पर जोर दिया। ACE Equity के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि फंड हाउसों ने दो-तिहाई से अधिक लार्ज और मिड-कैप कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसके विपरीत, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने दोनों ही सेगमेंट की ज्यादातर कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम की है। इस दौरान रिटेल निवेशकों ने भी मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में अपना निवेश घटाया है। एसआईपी के जरिए आ रहे लगातार घरेलू निवेश ने विदेशी बिकवाली के बीच म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी को मजबूत सहारा दिया।
ख़ास क्यों
घरेलू स्तर पर मजबूत निवेश भारतीय शेयर बाजार को विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बचा रहा है। साथ ही, जब रिटेल निवेशक छोटे शेयरों से दूरी बना रहे हैं, तब पूंजी सुरक्षित ब्लू-चिप शेयरों की तरफ जा रही है।
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