क्या सच में पेशाब से ठंडे हो सकते हैं AI डेटा सेंटर, जानिए क्या है सच्चाई
· Technology · TechCrunch
जैसन केल्से के एक मज़ाकिया विज्ञापन में मानव मूत्र से AI डेटा सेंटर ठंडा करने की बात कही गई है, लेकिन इंडस्ट्री में इसके लिए पहले से ही रीसाइकिल किए गए废水 (गंदे पानी) का इस्तेमाल होता है। सर्वर को गर्म होने से बचाने के लिए डेटा सेंटर भारी मात्रा में पानी की खपत करते हैं, जो अक्सर इवेपोरेटिव कूलिंग प्रक्रिया के ज़रिए होता है। पीने के पानी की मांग को कम करने के लिए ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल किया जाता है। जानकारों के मुताबिक, कच्चे पेशाब में नमक, बैक्टीरिया और कार्बनिक पदार्थ होते हैं जो कूलिंग टावर में मिनरल जमा कर सकते हैं और बार-बार रखरखाव की मांग करते हैं। इसलिए, पानी के रीसाइकिल का विचार आम है, लेकिन सीधे तौर पर बिना ट्रीट किए मानव मल-मूत्र का उपयोग कूलिंग के लिए संभव नहीं है।
ख़ास क्यों
टेक्नोलॉजी सेक्टर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर के भारी जल पदचिह्न (वॉटर फुटप्रिंट) को मैनेज करने का दबाव है, जिसके चलते स्थानीय पीने के पानी की आपूर्ति बचाने के लिए रीसाइकिल वाटर सिस्टम पर निर्भरता बढ़ रही है।
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