RBI की कार्यशैली पर गलत पैमाने से हो रही है समीक्षा
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बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक का मूल्यांकन एक गलत पैमाने पर किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि RBI के पास मूल्य स्थिरता और विकास दोनों की दोहरी जिम्मेदारी है। सिर्फ महंगाई के आधार पर उसका आकलन करना बाकी जरूरी पहलुओं को नजरअंदाज करना है। नीतिगत दरों में बढ़ोतरी जैसे हालिया कदम महंगाई और कर्ज दोनों को साधने के लिए उठाए गए हैं। लेख में स्पष्ट किया गया है कि मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए सिर्फ एक संकेतक काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक पैमानों की जरूरत है।
ख़ास क्यों
RBI की नीतियों का आकलन कैसे किया जाता है, इसका सीधा असर भारत के निवेशकों के भरोसे, कर्ज की लागत और आर्थिक अनुमानों पर पड़ता है। स्पष्ट और बहुआयामी पैमाने बाजार की उम्मीदों और नीतिगत फैसलों को सही दिशा दे सकते हैं।
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