हाथियों के कल्याण पर सुप्रीम कोर्ट का रुख साफ, धार्मिक अधिकारों से नहीं है लेना-देना
· India · The Hindu, Hindustan Times
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि मंदिरों में रखे गए हाथियों के स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़े निर्देश केवल उनके कल्याण के लिए हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि इन सुनवाई का मकसद धार्मिक आस्था या अधिकारों में दखल देना नहीं है। कोर्ट का पूरा ध्यान निजी मालिकों, सर्कस, मंदिरों और चिड़ियाघरों में हाथियों के प्रबंधन के लिए बेहतर नियम तय करने पर है। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि देश में बंदी हाथियों की संख्या 2,675 से बढ़कर 2,725 हो गई है। वहीं, केरल के मंदिर प्रबंधन की ओर से पेश वकील ने कहा कि राज्य में हाथियों की निगरानी कड़े नियमों के तहत की जाती है और वे आस्था का अहम हिस्सा हैं।
ख़ास क्यों
सुप्रीम कोर्ट के ये निर्देश देश भर के मंदिरों, चिड़ियाघरों और सर्कस में हाथियों के प्रबंधन पर सीधा असर डालेंगे। इससे धार्मिक परंपराओं से इतर हाथियों के रखरखाव के लिए एक समान मानक तय हो सकेंगे।
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