देश में सीनियर क्लासेज के छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य गिरा, रिपोर्ट में खुलासा
· India · Hindustan Times, The Hindu
IC3 Institute की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में आठवीं क्लास के 62 फीसदी छात्रों की तुलना में सीनियर क्लासेज में यह आंकड़ा गिरकर 43 फीसदी रह गया है। 11वीं और 12वीं के छात्रों में एंग्जायटी, कम एनर्जी और निराशा तेजी से बढ़ रही है। सर्वे में शामिल 8,515 छात्रों में खुशी 65 से घटकर 48 फीसदी, कॉन्फिडेंस 64 से 47 फीसदी और मोटिवेशन 64 से 49 फीसदी पर आ गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ 6 फीसदी छात्र ही स्कूल काउंसलर के पास जाते हैं, जबकि ज्यादातर छात्र दोस्तों और परिवार की मदद लेते हैं। इसके अलावा, 33 फीसदी छात्र करियर को लेकर असमंजस की वजह से एंग्जायटी का शिकार हैं।
ख़ास क्यों
सीनियर स्कूली छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य में आई यह भारी गिरावट देश के स्कूलों में इंस्टीट्यूशनल मेंटल हेल्थ सपोर्ट और करियर काउंसलिंग की बड़ी कमी को दिखाती है। उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए इन दबावों से निपटना बेहद जरूरी है।
मूल ख़बर पढ़ें — Hindustan Times
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