सुप्रीम कोर्ट ने तय किया, प्रशासनिक निर्देश नहीं हैं आत्महत्या का सहायक
· India · Hindustan Times, NDTV
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सामान्य प्रशासनिक निर्देश और वरिष्ठ अधिकारी के कठोर शब्द आत्महत्या के सहायक नहीं होते। यह निर्णय पूर्व वन संरक्षण उप-निदेशक विनोद शिवाकुमार के अपील पर आया, जिन्होंने मार्च 2021 में महाराष्ट्र के हारिसाल रेंज में एक वन रेंज ऑफिसर की आत्महत्या के बाद नोट्स छोड़े थे। अभियोजन ने दावा किया कि शिवाकुमार ने ऑफिसर को मानसिक रूप से परेशान किया, शो-कारण नोटिस जारी किया और गर्भवती होने के बावजूद उसे फील्ड ड्यूटी करने पर मजबूर किया, जिससे उसका गर्भपात हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आत्महत्या के सहायक के लिये जागरूक इरादा और नज़दीकी कार्य का प्रमाण आवश्यक है।
ख़ास क्यों
यह फैसला वन विभाग के अधिकारियों और अन्य सार्वजनिक कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर की गई क्रियाओं की आपराधिक जिम्मेदारी की सीमाएँ स्पष्ट करता है।
मूल ख़बर पढ़ें — Hindustan Times
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