तालिबान ने बढ़ाई वैश्विक कूटनीति, बिना मान्यता के मजबूत किए कारोबार और सुरक्षा रिश्ते
· World · Al Jazeera, Economic Times
अफगानिस्तान में सत्ता में वापसी के पांच साल बाद तालिबान सरकार ने सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और परिवहन क्षेत्रों में अपने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों का दायरा बढ़ा लिया है। हालांकि जुलाई 2025 में रूस इस प्रशासन को आधिकारिक मान्यता देने वाला पहला देश बना, लेकिन अधिकांश वैश्विक समुदाय अभी भी पूरी राजनीतिक मान्यता देने से बच रहा है। अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने बताया कि काबुल इस समय 40 से अधिक राजनयिक मिशनों और विदेशी संगठनों के साथ संपर्क में है। इस बीच चीन एक प्रमुख साझेदार के रूप में उभरा है जो सुरक्षा और निवेश के मामलों में, विशेष रूप से लोगर कॉपर माइन प्रोजेक्ट पर, नजदीकी सहयोग कर रहा है। दूसरी ओर, TTP से जुड़े सुरक्षा विवादों के चलते पड़ोसी पाकिस्तान के साथ रिश्ते बिगड़ गए हैं, जिसके कारण काबुल ने ईरान और उजबेकिस्तान तथा तुर्कमेनिस्तान जैसे मध्य एशियाई देशों के जरिए अपने व्यापारिक मार्गों में विविधता लाना शुरू कर दिया है।
ख़ास क्यों
तालिबान की बढ़ती क्षेत्रीय भागीदारी दक्षिण एशियाई व्यापार मार्गों और सुरक्षा समीकरणों को नए सिरे से तय कर रही है, खासकर ऐसे समय में जब काबुल पाकिस्तान पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम कर रहा है।
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