महंगाई और अमेरिकी प्रतिबंधों से ताहरान की अर्थव्यवस्था बेहाल, न्यूनतम वेतन से भी कम हुई कमाई
· World · Al Jazeera, Global Times
अमेरिका के साथ जारी संघर्ष और ईरानी बंदरगाहों की नौसेना नाकेबंदी के कारण ताहरान के लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। ताहरान के शिक्षकों, कैशियर और दुकान के सेल्सकर्मियों का मासिक वेतन 20 करोड़ रियाल से भी कम रह गया है, जबकि कुछ नौकरियां तो 16 करोड़ 60 लाख रियाल के न्यूनतम वेतन से भी नीचे आ गई हैं। फारसी साहित्य में मास्टर डिग्री होने के बावजूद सईद जैसे लोगों को बढ़ते खर्चों के कारण कोई भी काम तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 1 किलो मटन या 10 किलो ईरानी चावल जैसी बुनियादी चीजें खरीदने में ही न्यूनतम वेतन पाने वाले वर्कर की आधी से ज्यादा कमाई खर्च हो जाती है। दशकों से चले आ रहे भ्रष्टाचार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच इस युद्ध ने आर्थिक संकट को और गहरा कर दिया है।
ख़ास क्यों
युद्ध के दौर में नौसेना की नाकेबंदी और रिकॉर्ड महंगाई के कारण ईरान के आम कामगारों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
टेलीग्राम पर जुड़ें
ब्रेकिंग न्यूज़ सबसे पहले। 10,000 सदस्य होने पर हम Android ऐप लॉन्च करेंगे।