पत्नी का वकील होना गुजारा भत्ता रोकने का आधार नहीं, Telangana HC का बड़ा फैसला
· India · LiveMint, Indian Express
Telangana HC ने एक अहम फैसले में कहा कि पत्नी का वकील के तौर पर रजिस्टर्ड होना या प्रैक्टिस करना ही उसकी कमाई का पक्का सबूत नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ प्रोफेशनल डिग्री या कमाने की क्षमता के आधार पर Section 24 के तहत मिलने वाला गुजारा भत्ता बंद नहीं किया जा सकता। जस्टिस Vakiti Ramakrishna Reddy ने निचली अदालत के उस आदेश को बहाल किया, जिसमें पत्नी को 20,000 रुपये मासिक अंतरिम भत्ता देने को कहा गया था।
ख़ास क्यों
यह फैसला उन आश्रित पत्नियों के लिए राहत की बात है जो स्वतंत्र पेशों में हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि केवल प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन को वास्तविक आय नहीं माना जा सकता, जिससे गुजारा भत्ता पाने के उनके कानूनी अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
टेलीग्राम पर जुड़ें
ब्रेकिंग न्यूज़ सबसे पहले। 10,000 सदस्य होने पर हम Android ऐप लॉन्च करेंगे।